Metaphysicsतत्त्वमीमांसा
भगवान महावीर और उनका समय
Lord Mahāvīra and His Times
Bhagavāna Mahāvīra aura unakā samaya
Loading
Fetching from the archive…
How Will Jainism Spread?
Jaina dharma kā prasāra kaise hogā?
- श्रीयुत पं० नाथूरामजी प्रेमी। अन्यान्य धर्मों की उन्नति और अवनति होते देखकर कुछ समय से जैन सम्प्रदाय में भी इस विषय का आन्दोलन होने लगा है कि जैन धर्म की उन्नति की जाय और उसका विस्तार देश-विदेशों में सर्वत्र किया जाय। यद्यपि जैन धर्म के दुर्भाग्य से अभी उसके बहुत से अनुयायी ऐसे भी हैं जो अपने पवित्र धर्म को अपवित्र माने हुए देशों में ले जाना या हीन जातियों में फैलाना अनुचित और पातक का काम समझते हैं, तो भी यदि थोड़ी देर के लिए कल्पना कर ली जाय कि इस विषय का कोई भी विरोधी नहीं रहा और प्रगति के क्रमानुसार थोड़े समय में ऐसा होगा ही; तो क्या हमें यह आशा कर लेनी चाहिए कि हमारी उक्त इच्छा सफल हो जायगी? हमारे धर्म का सर्वत्र प्रचार होने लगेगा? हम अक्सर शिकायत किया करते हैं कि इस समय ऐसे कामों में हमारे रथ-प्रतिष्ठाप्रेमी धनिक धन नहीं देना चाहते हैं और धन के बिना ऐसे महत्व के काम हो नहीं सकते हैं; परन्तु कल्पना कर लीजिए कि हमारे सारे लक्ष्मी पुत्रों को भी सुबुद्धि प्राप्त हो गई है और वे इसके लिए अपनी थैलियों के मुँह खोले हुए बैठे हैं, तो क्या आप कह सकते हैं कि हम जैन धर्म को राष्ट्रधर्म बना डालेंगे? इसी तरह और भी इस मार्ग में जो जो रुकावटें हैं समझ लीजिए कि वे सब दूर हो गई हैं और कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है, तो क्या हम अपने उक्त अभीष्ट को पा लेंगे? मेरे खयाल में यह काम कहने में जितना सहज मालूम होता है और व्याख्यान देते समय अथवा लेख लिखते समय इसके लिए जितनी सुलभता से युक्तियाँ मिल सकती हैं उतना सहज और सुलभ नहीं है। अभी तक जैन समाज में वह योग्यता ही नहीं आई है और न उसके लाने का अभी तक कोई उपाय ही किया गया है कि जिससे इस महत्कार्य के सम्पादन होने की आशा की जा सके। किसी भी धर्म के प
Transcribed from the prepared edition. This is the beginning of the article, not a summary — open the PDF to read it in full.
[author not identified]. "How Will Jainism Spread?." अनेकान्त 1 (1930): [page range not recorded].
Square brackets mark information the archive has not yet recorded. Check the scan before relying on the citation.
Metaphysicsतत्त्वमीमांसा
Lord Mahāvīra and His Times
Bhagavāna Mahāvīra aura unakā samaya
Metaphysicsतत्त्वमीमांसा
The Limits of Anekāntavāda
Anekāntavāda kī maryādā